hindi moral stories

hindi moral stories for class 8 – सबको अवसर जरुर मिलता है

moral story

सबको अवसर जरुर मिलता है

पुराने समय की बात है एक मजदुर बिलकुल अकेला था |कभी आवश्यकता होती तो मजदूरी कर लेता वरना यू ही रह जाता |एक बार उसके पास खाने के कुछ नहीं था इसलिए वह घर से मजदूरी का काम ढूंढने के लिए निकल गया |(hindi moral short stories for kids)

गर्मी का मौसम था और धूप भी बहुत तेज़ थी

तभी उसे एक आदमी दिखाई दिया जिसने एक बड़ा सा संदूक उठा रखा था |

hindi moral stories

मजदूर ने उस आदमी से पूछा :- क्या आपको इस संदूक को उठाने के लिए कोई मजदूर चाहिये?

उस आदमी को मजदूर की आवश्यकता भी थी इसलिए उसने मजदूर को वह संदूक उठाने के लिए कह दिया |

अब वह मजदूर संदूक को अपने कंधो पर रख कर चलने लगा |

गरीब होने के कारण उस मजदूर ने पैरो में चप्पल भी नहीं पहनी हुई थी

जिसके कारण तेज़ धूप होने की वजह से उसके पैर जल रहे थे |

तभी मजदूर एक पेड़ की छाया में रुक गया और उस आदमी से बोला भगवान भी कितना निर्दय है ?

हम जैसे गरीबो को चप्पल पहनने तक के पैसे नसीब नहीं किए |

यह भी पढ़े :- Akbar aur Birbal short story in hindi with moral for kids

मजदूर की बात सुन कर भी वह आदमी चुप रहा फिर वह दोनों आगे चल दिए |

थोड़ी आगे चलते ही रास्ते में उन्हें एक लंगड़ा आदमी मिला जिसके दोनों पैर ही नहीं थे |

उसे देख व्यक्ति ने मजदूर को कहा :- तुम्हारे पास तो सिर्फ चप्पल के लिए पैसे नहीं है

लेकिन इस व्यक्ति के जैसे ना जाने कितने व्यक्ति होंगे जिनके पास चप्पल पहनने के लिए पैर ही नहीं है |

जितना दर्द तुम्हे हो रहा है उससे भी कई अधिक दर्द इस व्यक्ति को होती होगी |

यदि तुम्हे चप्पल पहननी है तो भगवान के दिए इन पैरो का उपयोग करके तुम मेहनत करते रहो और फिर अपने लिए चप्पल खरीदो |

व्यक्ति की बात सुन माज्दूर को समझ आ गया कि भगवान ने हमें जितना दिया है उतना काफी है और हमें उसी में खुश रहना चाहिए |

moral of short stories in hindi

दोस्तो,हमें भी अपने जीवन में मिली चीजों के लिए भगवान नहीं कोसकर मेहनत करनी चाहिए और उन सभी चीजों को खुद हासिल करना चाहिए जिसकी कामना हम भगवान से कर रहे है |

खुद भगवान श्री कृष्णा ने श्रीमदभागवत गीता में कहा है कि भगवान भी उसी का साथ देता है जो खुद का साथ देता है |

दोस्तों आशा है कि आपको हमारी इस कहानी से कुछ सिखने को मिला हो और

आप इन बातो को अपने जीवन में उतार कर सुखी-समर्ध जीवन बिता सके|

Source :- Bal Bhaskar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.