inspirational stories with moral in hindi

Inspiration stories with moral in Hindi

1. आलस्य आपको कहीं लेके नहीं जायेगा ( Inspirational stories )

(Laziness Won’t Get You Anywhere)

प्राचीन समय में एक राजा रहता था जिसने एक बार एक बड़ा सा पत्थर एक सड़क के बीच मे रख दिया, और एक झाड़ के पीछे छिपकर बैठ गया ये देखने के लिये कि उस पत्थर को सड़क से कोन हटाता है।

उस सड़क से बहुत सारे लोग आये-गये लेकिन किसी ने भी उस पत्थर को हटाया नहीं और सब लोग पत्थर के किनारे से निकल गये। सब लोग केवल राजा को दोष दे रहे कि कैसा राजा है, सड़क को भी साफ नहीं करवाता लेकिन उनमें से किसी ने भी उस पत्थर को वहा से हटाया नहीं।

एक दिन वहा से सब्जी की टोकरी लिये एक किसान जा रहा था और उसने देखा कि रास्ते में एक बड़ा सा पत्थर पड़ा हुआ है, उसने अपनी सब्जी की टोकरी को नीचे उतारकर उस पत्थर को वहा से हटाने लगा। पत्थर काफी बड़ा था तो उसे वो पत्थर हटाने में बहुत मेहनत करनी पड़ी लेकिन उसने वो बड़ा सा पत्थर वहा से हटा दिया।

पत्थर हटाने के बाद उस किसान कि नजर पत्थर के नीचे दबे एक थैले पर पड़ी जो बहुत सारे सोने के सिक्के, रुपिये-पैसे, हीरे-जवाहरात से भरा हुआ था। पत्थर हटने के बाद राजा बाहर आया और उस किसान से कहा कि ये सोने-चाँदी, हीरे-जवाहरात से भरा थैला उसका था जो इस पत्थर को 1हटाता। यहां से बहुत सारे लोग गुजरे लेकिन किसी ने भी पत्थर नहीं हटाया और अंत मे तुमने इस प्त्थर को हटाया इस्लिये ये थैला तुम्हारा हुआ।

 

2.संघर्ष ही आपको मज़बूत बनायेगा
(Struggle will Make You Stronger)
Inspirational stories in Hindi –

एक समय की बात है,

एक आदमी काम से कहीं बाहर जा रहा था और रास्ते में उसने एक तितली को देखा

जो कि अभी अपने अंडे से बाहर आने का प्रयास कर रही थी।

वो आदमी वहा बैठ गया और इस दृश्य को देखने लगा,

घंटों बीत गया और वो तितली अंडे के उस छोटे से छेद से बाहर निकलने के लिये बहुत मेहनत और संघर्ष कर रही थी

लेकिन कुछ समय बाद ऐसा लगने लगा कि वो तितली अंडे के उस छोटे से छेद में फंस गई हो।

वहा बैठा वो आदमी ने उस तितली की मदद करने की सोची,

उसने एक कैंची लिया और अंडे के उस छोटे से छेद को बड़ा कर दिया जिससे वो तितली आसानी से बाहर आ गयी।

अंडे से तितली के बाहर निकलने के बाद उस इंसान ने देखा कि

उसका शरीर फूला हुआ है और पंख सुखे हुए हैं और उसने सोचा कि थोड़ी देर इंतजार करता हूँ

और जब तितली अपने पंख फैलायेगी तब उसे उड़ने में उसकी मदद करूँगा। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं, उस तितली को अपनी पूरी जिंदगी फूले हुए शरीर और सूखे पंख के साथ बितानी पड़ी।

एक दयालु हृदय होने के बावजूद भी वो इंसान ये नहीं समझ सका कि तितली को उस अंडे से निकलने में संघर्ष करवाना भगवान का एक रास्ता है उसे इस दुनिया में सुरक्षित लाने के लिये।

तो दोस्तों इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि

जीवन में आने वाले संघर्ष हमें मजबूत और सहनशील बनाते है और सफलता की और हमारा पहला कदम हमारा संघर्ष ही होता है इसलिए जीवन में संघर्ष से घबराकर कार्य करना नहीं छोड़ना चाहिए|

 

3.डर के आगे जीत है

एक बार मेढ़क का एक समूह एक जंगल में घूमने के लिये निकला,

वो जा रहे थे कि रास्ते में एक कुँआ आया और 2 मेढ़क उसमें गिर गये।

बचे हुए सभी मेढ़क कुएँ की गहरायी को देखकर डर गये

और नीचे गिरे मेढकों को बोलने लगे कि अब तुम बाहर नहीं आ पाओगे

लेकिन उन दोनों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और कुएँ से बाहर आने के लिये प्रयास करते रहे।

उन दोनों मेढकों के इतनी मेहनत के बाद भी ऊपर के सभी मेढ़क ये ही बोले जा रहे थे कि

रहने दो तुम बाहर नहीं आ सकते, कुँआ बहुत गहरा है,

और उन दोनों में से एक मेढ़क ने ऊपर वालो की बात सुनकर प्रयास करना बंद कर दिया

और मौत के और करीब चला गया लेकिन दूसरा मेढ़क अपनी पूरी ताकत लगाकर कूदता रहा, प्रयास करता रहा।

Inspirational stories in Hindi with moral

ऊपर के मेढ़क उसे भी प्रयास करने से मना कर रहे थे

लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और एक ऐसी छलांग लगायी की वो कुएँ से बाहर आ गया।

उस कुएँ से बाहर निकलने के बाद सब उस मेढ़क से पूछने लगे “तुम हमें सुन नहीं रहे थे क्या?”

उस मेढ़क ने कहा कि वो बहरा है और उसे लगा कि बार बार मेरे साथी मुझे प्रोत्साहित कर रहे हैं।

तो दोस्तों इसी इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है कि

हमें भी हमारी जिन्दगी में लोगो की बातो पर ध्यान देकर अपने सत्कर्मो को नहीं रोकना चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए |

 

4.किसी को judge मत करो
(Don’t Judge a Person)

एक 24 साल का लड़का ट्रेन की खिड़की से बाहर देखकर चिल्लाया और अपने पापा से कहा…

पापा, वो देखिये सारे पेड़ पीछे जा रहे है !

पापा ने मुस्कुरा दिए और पास में बैठा एक कपल उस लड़के की तरफ दया भावना दिखाते हुए देखा,

इतने में लड़का फिर चिल्लाया…

पापा, वो देखिये सारे बादल हमारे साथ भाग रहे हैं !

उस couple से रहा नहीं गया और उस बूढ़े अदमी से कहा कि “आप इसे किसी अच्छे डॉक्टर को क्यूँ नहीं दिखाते?”

बूढ़े आदमी ने हँसकर कहा, हम लोग अभी हॉस्पिटल से ही आ रहे हैं, मेरा लड़का बचपन से अंधा था और उसे आज ही अपनी आँख मिली है।

Moral of this inspirational stories :-

हमें बिना सोचे समझे किसी के भी बारे में कोई राय नहीं बनानी चाहिए|

 

5.अपनी परेशानियों से सीखो
(Learn From Your Problems)

एक आदमी अपने सबसे पसंदीदा गधे को कहीं ले जा रहा था, रास्ते में वो गधा एक बड़े से गड्ढे में गिर गया।

उस गधे को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए उस इंसान ने बहुत मेहनत की लेकिन वह उसे बाहर निकाल नहीं पाया,

काफी प्रयासों के बाद उस इंसान ने गधे को जिंदा दफना देने की सोची।

और वो उस गधे के ऊपर मिट्‍टी डालने लगा।

ऊपर मिट्‍टी पड़ने की वजह से गधे को वजन महसूस होने लगा

और उसने अपना शरीर हिलाकर मिट्‍टी को नीचे गिरा दिया और उसके ऊपर खड़ा हो गया। वो आदमी मिट्‍टी डालता गया

और गधा उसे नीचे गिराकर उस पर खड़ा होता गया।

आदमी जितना ज्यादा मिट्‍टी डालता गया गधा उतना ऊपर आता गया, और दोपहर तक वो गधा बाहर निकलकर घास खा रहा था।

Inspirational stories Moral :-

हमें अपनी परेशानियों से घबराना नहीं चाहिए बल्कि पूरी शक्ति के साथ उसका सामना करना चाइये|

6. आप जो देते हो, वही पाते हो
 (You Get, What You Give)

एक किसान था जो रोजाना एक बेकरी वाले (Baker) को मक्खन दिया करता था।

एक दिन Baker ने सोचा कि चलो आज मक्खन को तौलकर के देखता हूँ कि जितना मक्खन मैंने माँगा था उतना मुझे मिलता है कि नहीं।

और उस Baker को पता लगा कि वो किसान पूरा मक्खन नहीं दे रहा था।

और इस बात के लिये Baker किसान को कोर्ट लेके गया।

Judge ने किसान से पूछा कि तुम मक्खन का माप-तौल कैसे करते हो।

Inspirational short stories in Hindi

किसान ने कहा “माई-बाप मैं एक साधारण इंसान हूँ और मेरे पास माप-तौल के लिये कोई मशीन तो नहीं है इसीलिये एक तराजू को उपयोग में लेता हूँ।”

Judge ने पूछा “तुम तराजू में मापन के लिये क्या रखते हो?”

किसान ने कहा “माई-बाप कुछ समय पहले से ही ये Baker मुझसे मक्खन लेना सुरू किया था और मैं इससे 1 किग्रा ब्रेड लेता था।”

रोज जब Baker मक्खन लेने आता था तो वो मेरे लिये ब्रेड लेके आता था

और उसी ब्रेड के वजन से मैं इनको मक्खन तौल के देता था।

इसलिये अगर हममें से कोई गुनहगार है तो वो Baker खुद है।

 

7. सब्र का फल

बात उस समय की है जब महात्मा बुद्ध विश्व भर में भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे थे और लोगों को ज्ञान दे रहे थे|

एक बार महात्मा बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक गाँव में भ्रमण कर रहे थे|

उन दिनों कोई वाहन नहीं हुआ करते थे सो लोग पैदल ही मीलों की यात्रा करते थे|

ऐसे ही गाँव में घूमते हुए काफ़ी देर हो गयी थी|

बुद्ध जी को काफ़ी प्यास लगी थी|

उन्होनें अपने एक शिष्य को गाँव से पानी लाने की आज्ञा दी|

जब वह शिष्य गाँव में अंदर गया तो उसने देखा वहाँ एक नदी थी

जहाँ बहुत सारे लोग कपड़े धो रहे थे

कुछ लोग नहा रहे थे

तो नदी का पानी काफ़ी गंदा सा दिख रहा था|

शिष्य को लगा की गुरु जी के लिए ऐसा गंदा पानी ले जाना ठीक नहीं होगा, ये सोचकर वह वापस आ गया|

महात्मा बुद्ध को बहुत प्यास लगी थी इसीलिए उन्होनें फिर से दूसरे शिष्य को पानी लाने भेजा|

कुछ देर बाद वह शिष्य लौटा और पानी ले आया|

महात्मा बुद्ध ने शिष्य से पूछा की नदी का पानी तो गंदा था फिर तुम साफ पानी कैसे ले आए|

शिष्य बोला की प्रभु वहाँ नदी का पानी वास्तव में गंदा था लेकिन लोगों के जाने के बाद मैने कुछ देर इंतजार किया|

और कुछ देर बाद मिट्टी नीचे बैठ गयी और साफ पानी उपर आ गया|

बुद्ध यह सुनकर बड़े प्रसन्न हुए और बाकी शिष्यों को भी सीख दी कि हमारा ये जो जीवन है यह पानी की तरह है|

जब तक हमारे कर्म अच्छे हैं तब तक सब कुछ शुद्ध है,

लेकिन जीवन में कई बार दुख और समस्या भी आते हैं जिससे जीवन रूपी पानी गंदा लगने लगता है|

Inspirational moral stories in Hindi

कुछ लोग पहले वाले शिष्य की तरह बुराई को देख कर घबरा जाते हैं और मुसीबत देखकर वापस लौट जाते हैं,

वह जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ पाते

वहीं दूसरी ओर कुछ लोग जो धैर्यशील होते हैं वो व्याकुल नहीं होते और कुछ समय बाद गंदगी रूपी समस्याएँ और दुख खुद ही ख़त्म हो जाते हैं|

तो मित्रों, इस कहानी की सीख यही है कि

समस्या और बुराई केवल कुछ समय के लिए जीवन रूपी पानी को गंदा कर सकती है|

लेकिन अगर आप धैर्य से काम लेंगे तो बुराई खुद ही कुछ समय बाद आपका साथ छोड़ देगी|

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Source :- Hinditales