पानी में अपनी परछाई देखकर... वह हैरान रह गया। वह अब बदसूरत बत्तख नहीं... एक खूबसूरत सफेद हंस था।
जिन लोगों ने कभी उसका मज़ाक उड़ाया... आज वही उसकी तारीफ़ कर रहे थे।
हर फूल अपनी ऋतु में खिलता है।
हर इंसान अपने सही समय पर अपनी पहचान बनाता है।
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