10 lines short stories with moral for kids

10 lines short stories with moral for kids

1. मुर्गे की अकल ठिकाने

(10 lines short stories in hindi)

एक समय की बात है ,एक गांव में ढेर सारे मुर्गा रहते थे।

गांव के बच्चे ने किसी एक मुर्गे को तंग कर दिया था।

मुर्गा परेशान हो गया , उसने सोचा अगले दिन सुबह मैं आवाज नहीं करूंगा।

सब सोते रहेंगे तब मेरी अहमियत सबको समझ में आएगी , और मुझे तंग नहीं करेंगे।

मुर्गा अगली सुबह कुछ नहीं बोला।

सभी लोग समय पर उठ कर अपने-अपने काम में लग गए इस पर मुर्गे को समझ में आ गया कि किसी के बिना कोई काम नहीं रुकता।

सबका काम चलता रहता है।

Moral – घमंड नहीं करना चाहिए। आपकी अहमियत लोगो को बिना बताये पता चलता है।

 

2. चिड़िया की परेशानी

एक चिड़िया थी वह बहुत ऊची उड़ती , इधर उधर चहचहाती रहती |

कभी इस टहनी पर जाती तो कभी उस टहनी पर |

उस चिड़िया की एक आदत थी वह जो भी दिन में उसके साथ होता अच्छा या बुरा उतने पत्थर अपने पास पोटली में रख लेती

और अकसर उन पत्थरो को पोटली से निकाल कर देखती |

अच्छे पत्थरो को देखकर बीते दिनों में हुई अच्छी बातो को याद करके खुश होती |

और खराब पत्थरो को देखकर दुखी होती |

ऐसा रोज़ करती | रोज़ पत्थर इकठा करने से उसकी पोटली दिन प्रतिदिन भारी होती जा रही थी |

थोड़े दिन बाद उसे भरी पोटली के साथ उड़ने में दिक्कत होने लगी |

पर उसे समझ नहीं आ रहा था की वह उठ क्यों नहीं पा रही |

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कुछ समय और बीता, पोटली और भारी होती जा रही थी | अब तो उसका जमीन पर चलना भी मुश्किल हो रहा था |

और एक दिन ऐसा आया की वह खाने पीने का इंतज़ाम भी नहीं कर पाती अपने लिए और अपने पत्थरो के बोझ तले मर गयी .

Moral Of the Story – दोस्तों ऐसा ही हमारे साथ होता है जब हम पुरानी बातो की पोटली अपने साथ रखते है | अपने वर्तमान का आनंद लेने की जगह भूतकाल की बातो को ही सोचने में लगे रहते हैं | इस पल का आनन्द लीजिये |

10 Lines Short stories with morals in Hindi.

3. हाथी क्यों हारा

एक बार एक व्यक्ति, एक हाथी को रस्सी से बांध कर ले जा रहा था |

एक दूसरा व्यक्ति इसे देख रहा था | उसे बढ़ा आश्चर्य हुआ कि इतना बड़ा जानवर इस हल्की रस्सी से बांधा जा रहा है|

दूसरे व्यक्ति ने हाथी के मालिक से पूछा ” यह कैसे संभव है कि इतना बढ़ा जानवर एक हल्की सी रस्सी को नहीं तोड़ पा रहा और तुम्हरे पीछे पीछे चल रहा है|(5 lines short stories with moral)

हाथी के मालिक ने बताया जब ये हाथी छोटे होते हैं तो इन्हें रस्सी से बांध दिया जाता है

तब वे इस रस्सी को तोड़ने की कोशिश करते है पर उसे तोड़ नहीं पाते |

बार बार कोशिश करने पर भी यह उस रस्सी को नहीं तोड़ पाते तो हाथी सोच लेते है कि वह इस रस्सी को नही तोड़ सकते और बढे होने पर कोशिश करना ही छोड़ देते है |

Hindi Stories with moral – दोस्तों हम भी ऐसी बहुत सी नकारात्मक बातें अपने दिमाग में बैठा लेते हैं की हम नहीं कर सकते | और एक ऐसी ही रस्सी से अपने को बांध लेते हैं जो सच में होती ही नहीं है |

10 Lines Short stories with hindi moral

4. संत और बिच्छू

एक समय की बात है एक गावो में शादी होकर नयी बहु आई |

चारो तरफ ख़ुशी का माहौल था |अब समय था बहु के ग्रहप्रवेश का |

उसी समय सास देखती है की एक बिल्ली घर में घुस आई है वो बहु का रास्ता काटने ही बाली थी |

सास थी थोड़े पुराने विचार की उसने एक टोकरी उठाई और उस बिल्ली के उपार डाल दी

ताकि बिल्ली बहु का रास्ता न काट सके (very short stories with morals) |

बहु ने सास को बिल्ली के उपर टोकरी रखते हुए देख लिया था | समय बीता कुछ समय बाद सास मार गयी |

सास की बहु के एक लड़का हुआ | वह अब विवाह लायक होगया | लड़के की शादी की गयी |

बहु के ग्रहप्रवेश की बारी आयी | सास ने कहा हमारे यहं रिवाज है जब कोई नयी बहु आती है तो बिल्ली को टोकरी से ढककर बहु का ग्रहप्रवेश होता है | और यह प्रथा बन गई |

Moral of Hindi Stories – सफलता पाने के लिए किसी भी टोटके की ज़रूरत नहीं है बस टोटको को छोड़ने की ज़रूरत है | सभी टोटको का एक ही इलाज़ है वो है , उन्हें अनदेखा कर देना.चलो एक सभ्य समाज बनाए, टोटको से भारत को मुक्त कराये |

 

5. शेर का आसन

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एक दिन शहर का राजा जंगल में घूमने गया। शेर ने देखा राजा हाथी पर आसन लगा कर बैठा है।

शेर के मन में भी हाथी पर आसन लगाकर बैठने का उपाय सुझा।

शेर ने जंगल के सभी जानवरों को बताया और आदेश दिया कि हाथी पर एक आसन लगाया जाए।

बस क्या था झट से आसन लग गया। शेर उछलकर हाथी पर लगे आसन मैं जा बैठा।

हाथी जैसे ही आगे की ओर चलता है , आसन हिल जाता है और शेर नीचे धड़ाम से गिर जाता है।

शेर की टांग टूट गई शेर खड़ा होकर कहने लगा – ‘ पैदल चलना ही ठीक रहता है। ‘

Moral of the short story – दोस्तों, इस कहानी से हमे यही प्रेरणा मिलती है कि हमे किसी दूसरे व्यक्ति के काम को देखकर उसकी ईर्ष्या नही करनी चाहिए बल्कि स्याम के काम मे सफलता हासिल करनी चाहिए क्योकि जिसका काम उसी को साजे , शेर ने आदमी की नक़ल करनी चाही और परिणाम गलत साबित हुआ। 

 

6. रेलगाड़ी

पिंकी बहुत प्यारी लड़की है। पिंकी कक्षा दूसरी में पढ़ती है।

एक दिन उसने अपनी किताब में रेलगाड़ी देखी।

उसे अपनी रेल – यात्रा याद आ गई , जो कुछ दिन पहले पापा – मम्मी के साथ की थी।

पिंकी ने चौक उठाई और फिर क्या था , दीवार पर रेलगाड़ी का इंजन बना दिया।

उसमें पहला डब्बा जुड़ गया , दूसरा डब्बा जुड़ गया , जुड़ते – जुड़ते कई सारे डिब्बे जुड़ गए।

जब चौक खत्म हो गया पिंकी उठी उसने देखा कक्षा के आधी दीवार पर रेलगाड़ी बन चुकी थी।

फिर क्या हुआ – रेलगाड़ी दिल्ली गई , मुंबई गई , अमेरिका गई , नानी के घर गई , और दादाजी के घर भी गई।

Moral of the hindi short story – बच्चों के मनोबल को बढ़ाइए कल के भविष्य का निर्माण आज से होने दे।

 

7. शरारती चूहा

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गोलू के घर में एक शरारती चूहा आ गया।

वह बहुत छोटा सा था मगर सारे घर में भागा चलता था। उसने गोलू की किताब भी कुतर डाली थी।

कुछ कपड़े भी कुतर दिए थे।

गोलू की मम्मी जो खाना बनाती और बिना ढके रख देती , वह चूहा उसे भी चट कर जाता था।

चूहा खा – पीकर बड़ा हो गया था।

एक दिन गोलू की मम्मी ने एक बोतल में शरबत बनाकर रखा। शरारती चूहे की नज़र बोतल पर पड़ गयी।

चूहा कई तरकीब लगाकर थक गया था , उसने शरबत पीना था।

चूहा बोतल पर चढ़ा किसी तरह से ढक्कन को खोलने में सफल हो जाता है।

अब उसमें चूहा मुंह घुसाने की कोशिश करता है।

बोतल का मुंह छोटा था मुंह नहीं घुसता।

फिर चूहे को आइडिया आया उसने अपनी पूंछ बोतल में डाली।

पूंछ शरबत से गीली हो जाती है उसे चाट – चाट कर चूहे का पेट भर गया।

अब वह गोलू के तकिए के नीचे बने अपने बिस्तर पर जा कर आराम से करने लगा।

Moral of short hindi stories – मेहनत करने से कोई कार्य असम्भव नहीं होता।

 

8. डर के आगे जीत है

एक सियार जो कभी जवान और फुर्तीला हुआ करता था लेकिन कहते हैं न कि समय किसी क़े लिये बैठा नहीं रहता, वो हमेशा चलता रहता है।

और अब वो सियार बूढ़ा हो चुका था उसमें इतनी भी ताकत नहीं थी कि वो शिकार करके अपने पेट की भूख मिटा सके|

सियार ने कई दिनों से कुछ खाया नहीं था और भूखे पेट इधर-उधर भटक रहा था।

एक दिन सियार कहीं जा रहा और उसे पता चला कि इस रास्ते पर एक कुत्ते का मृत शरीर पड़ा हुआ है

और उसने अपने पेट की भूख मिटाने के लिये उस रास्ते से जाने का सोचा।

सियार जा ही रहा था कि उसे रास्ते में उसी तरफ से एक डरावनी सी आवाज आती हुई सुनायी दी,

सियार डर गया और उसने अपना रास्ता बदल दिया

लेकिन फिर उसने सोचा कि अगर इस रास्ते से मैं गया तो भूख की वजह से मेरे प्राण जाने ही वाले हैं

तो क्यों न इसी रास्ते से चलकर अपनी भूख मिटाई जाये।

और सियार उसी रास्ते पर चल पड़ा जिस रास्ते पर कुत्ते का मृत शरीर पड़ा हुआ था |

वहाँ पहुँचकर उसने देखा कि पेड़ की 2 डालियाँ आपस में टकरा रही थी और जिससे वो डरावनी आवाज आ रही थी।

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इसे देखकर सियार अपने ऊपर जोर-जोर से हँसने लगा कि मैं फाल्तू में डर रहा था, अच्छा हुआ मैने अपना रास्ता नहीं बदला।

और उसने कुत्ते के मृत शरीर से अपनी पेट की भूख मिटाई।

Moral of the short story : जब हम अपने जीवन में अपने लक्ष्य की तरफ आगे बढ़ रहे होते हैं तो हमारे रास्ते बहुत से ऐसे डरावने आवाज आते जिससे कुछ लोग डर कर वही से वापस आ जाते हैं और कुछ ज़िन्दगी दाँव पर रखकर आगे बढ़ जाते हैं। और जो आगे बढ़ जाते हैं वो इतिहास रचते हैं और दुनियाँ उनको युगों-युगों तक याद रखती है |

9. साधु महात्मा की सीख

एक गांव मे एक साधु महात्मा आये हुए थे जो लोगों के हर तरह के समस्या का समाधान बताते थे।

गांव वाले साधु महात्मा के पास एक ही समस्या लेकर बार बार जाते और साधु महात्मा से समधान माँगते थे।

साधु महात्मा ने एक दिन उन सबको एक कहानी सुनायी और सब खूब हँसे।

महात्मा ने कहानी को दोबारा सुनायी, कुछ लोग फिर हँसे।

महात्मा ने कहानी तीसरी बार फिर सुनायी कोई नहीं हँसा।

साधु महात्मा मुस्कुराये और बोले – “अगर आप एक ही कहानी पर बार बार नहीं हँस सकते तो एक ही समस्या को लेकर हमेशा क्यों रोते रहते हो”।

Short Moral of the Story :– समस्या के बारे में सोचकर उसकी चिंता करना केवल आपकी उर्जा और समय बर्बाद होगा, आपकी समस्या हल नहीं होगी। समस्या को हल करने के लिये आपको निर्णय लेने पड़ेगे।

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10. गधे की होशियारी

एक नमक बेंचने वाला रोज अपने घर से नमक एक गधे पर लादकर शहर में बेंचने जाया करता था।

एक दिन की बात है,

नमक विक्रेता रोज की तरह गधे पर नमक लाद्कर शहर जा रहा था कि रास्ते में एक गड्ढा आया जिसमें पानी भरा था और गधा उसमें गिर गया।

जब गधा पानी से बाहर आया तो उसे नमक का वजन बहुत कम लग रहा था जिससे गधे को बहुत खुशी हुई।

फिर विक्रेता अगले दिन गधे पर नमक लाद्कर बेंचने के लिये निकला और उसी गड्ढे के पास पहुँचा

और गधा इस बार जानबूझ कर गड्ढे में गिर गया। वजन फिर कम हो गया और गधा फिर खुश हो गया।

उसने देखा कि गधा जानबूझ कर वजन कम करने के लिये रोज गड्ढे में कूद जाता है। और नमक का नुक्शान कर देता है।

गधे को सबक सिखाने के लिये उसने एक दिन नमक की जगह कपड़े लाद दिये गधे के ऊपर और गधा रोज की तरह उस दिन भी जाकर गड्ढे में कूद गया।

कपड़ा भीग गया और उसका वजन कम होने के बजाय और ज्यादा हो गया।

और वो भीगा हुआ कपड़ा विक्रेता गधे पर लाद्कर शहर लेकर गया और फिर शहर से घर |

जिससे गधे की हालत खराब हो गयी और उसने कसम खा ली कि अब दोबारा कभी ऐसा नहीं करूँगा।

Moral of the stories : हमेशा भाग्य (luck) काम नहीं आता, तो बुद्धि से काम लिया करो।

Source by Hindivibhag